Navratri Fasting Benefits in hindi (best diet for navratri in Hindi)

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Navratri Fasting Benefits

Navratri Fasting Benefits भारत में चैत्र महीने से नया वर्ष प्रारंभ होता है और चैत्र माह की शुरुआत नवरात्रि उत्सव के साथ होती है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में धार्मिक आस्था वाले लोग व्रत रखकर मां दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं। इस प्रकार नवरात्रि धार्मिक आस्था और विश्वास का प्रतीक है, लेकिन साथ ही इन नौ दिनों में किये जानेवाले उपवास से हमें शारीरिक और मानसिक फायदे भी होते हैं।

अधिकांश लोग नवरात्रि के व्रतों को धार्मिक आस्था और प्राचीन परंपरा की दृष्टि से देखते हैं। लेकिन बहुत कम लोग ही जानते हैं कि व्रतों से हमारे शरीर को स्वास्थ्य से जुड़े कई तरह के फायदे होते हैं और दिमाग पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

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Why do fast in navratri (नवरात्रि में उपवास क्यों करते हैं)


Navratri Fasting Benefits चैत्र महीने से उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से में नववर्ष शुरू होने के साथ ही यह समय शीतऋतु की विदाई और ग्रीष्मऋतु के आगमन का समय होता है। यानी मौसम बदलता है। ऐसे में हमारे शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति कम हो जाती है। इसलिये इस मौसम में मांस, अनाज, प्याज, लहसुन जैसे भारी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिये। शराब आदि व्यसनों से परहेज करना चाहिये। आयुर्वेद के मुताबिक ऐसे खाद्य पदार्थ और बुरी आदतें यानी व्यसन नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं और हमारे शरीर में अवशोषित करते हैं। इससे कई प्रकार के रोगों की संभावना बढ़ जाती है। इसलिये उपवास करने से और व्रत के दौरान शुद्ध व सात्विक भोजन करने से शरीर पर खासकर पाचनतंत्र पर भार नहीं पड़ता है और शरीर नियमित रूप से काम कर सकता है।

Physical and mental benefits from fasting (व्रत से शारीरिक-मानसिक फायदे)

Navratri Fasting Benefits,

पुराने ऋषि-मुनियों ने व्रत को धार्मिक आस्था से जोड़कर लोगों में व्रत का प्रचलन इसलिये बढ़ाया ताकि श्रद्धावान लोग मां दुर्गा के लिये व्रत रखकर अपने लिये शारीरिक और मानसिक लाभ ले सकें। सामान्य दिनों की अपेक्षा नवरात्रि में व्रत करने से शरीर में नये उत्साह और उमंग का संचार होता है। शरीर स्फूर्ति और ऊर्जा से भर जाता है। उपवास करने से शरीर में जमा हुए विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, जिससे लसिका प्रणाली अच्छे से काम करना शुरू कर देती है और खून का प्रवाह दुरुस्त होता है।

व्रतों के दौरान आस्था के कारण व्यक्ति अपनी कई सारी बुरी आदतों को सुधारते हैं, व्यसन और बाहर के जंक फूड और फास्ट फूड आदि खाना बंद कर देते हैं। मांसाहार का त्याग कर देते हैं और सात्विक भोजन करते हैं। इससे शरीर और दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मानसिक तनाव दूर होता है, दिमागी स्तर में सुधार आता है। दैनिक क्रियाएं नियमित करने से चेहरे पर भी रौनक आती है।


Benefits of Fasting for Physical Disease (व्रत से बीमारियों में भी होता है फायदा)


Navratri Fasting Benefits नवरात्रि के दौरान व्रत करने से कई तरह के रोगों में भी फायदा होता है। कैंसर, डायाबिटीज़ और आर्थराइटिस जैसे रोगों से पीड़ित लोगों को सुबह उठकर नित्यक्रमों से निवृत्त होने के बाद शुद्ध और शांत मन से पूजा-अर्चना करने के बाद ताजे और मौसमी फलों का सेवन करना चाहिये। ऐसा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है। कई अन्य रोगों से भी बचाव होता है।

मोटापा घटता है

नवरात्रि के दौरान जो लोग व्रत-उपवास करते हैं, वह बाहरी जंकफूड और फास्टफूड का त्याग कर देते हैं। खान-पान को नियंत्रित करते हैं। तली हुई तथा अधिक कैलरी वाले खाद्य पदार्थों का त्याग कर देते हैं। फलों का अधिक से अधिक सेवन करते हैं, इससे जो लोग मोटे होते हैं, उनका मोटापा घटता है और वजन भी घटता है।

पानी की कमी दूर होती है

व्रत के दौरान लोग पानी ज्यादा पीते हैं और फलों के रस, दूध आदि तरल पदार्थों का ज्यादा उपयोग करते हैं। इससे शरीर में पानी की कमी दूर होती है। उपवास में प्यास भी ज्यादा लगती है, जिससे लोग बार-बार पानी पीते हैं। बार-बार पानी पीने से बार-बार पेशाब जाते हैं, जिससे शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और कई तरह के रोगों से मुक्ति मिलती है। डिहाईड्रेशन का खतरा भी टलता है।

सिरदर्द, कमजोरी से छुटकारा

व्रत के दौरान भूखे रहने से, हल्का-फुल्का खाने से शरीर को कई प्रकार के फायदे होते हैं और कई समस्याओं से निजात मिलती है। व्रत के दौरान लोग भारी भोजन करने से परहेज करते हैं और पेट भरके खाने से भी बचते हैं। ऐसा करने से भी उन्हें कई तरह के फायदे होते हैं और भारी खाने से होनेवाली परेशानियां दूर होती हैं, सिरदर्द, चक्कर आना, कमजोरी महसूस करने जैसी अनेक समस्याएं भी दूर हो जाती हैं।

Other benefits of fasting (व्रत से होनेवाले अन्य फायदे)


Navratri Fasting Benefits अनेक लोग व्रत के दौरान तम्बाकू, धूम्रपान, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के व्यसनों का त्याग कर देते हैं। इससे उनका व्यसन छूट जाता है।

व्रत करने से शरीर में कॉलेस्ट्रॉल का प्रमाण घट जाता है, जिससे कॉलेस्ट्रॉल से जुड़े रोग नहीं होते हैं।

व्रत के दौरान नियंत्रित और सात्विक भोजन करने से गैस और कब्ज जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है।

व्रत में भूखे रहने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है। पाचन तंत्र ठीक होने से खाना पचाने में आसानी होती है और पेट से जुड़े विकार दूर होते हैं।

व्रत के दौरान हल्का-फुल्का भोजन किया जाता है। फलों का अधिक सेवन किया जाता है। फलों का रस और दूध आदि तरल पदार्थ ज्यादा मात्रा में लेने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है, जिससे उत्साह और उमंग में वृद्धि होती है।

Diet plan of fasting (व्रत का डाइट प्लान)

व्रत के दौरान सामान्य भोजन के स्थान पर व्रत का शुद्ध और सात्विक भोजन किया जाता है। इसमें साबूदाने के पापड़, चिप्स, तले हुए आलू, मिठाई, फल आदि खाये जाते हैं।

व्रत के दौरान दो-तीन घण्टे के अंतर पर फल, सलाद, ज्यूस आदि का सेवन करते रहना चाहिये। खीरा-खरबूजा आदि खाने से शरीर में पानी की कमी दूर होती है और वजन भी नहीं बढ़ता है।

खाने में सिंघाड़े के पकौड़े, साबूदाने की खिचड़ी, दही, आलू की खीर, चना-पूड़ी और हलवा सुबह के समय खा सकते हैं।

दोपहर को कुट्टू के आटे की रोटी, आलू की सब्जी, मखाने की सब्जी और कुट्टू की कढ़ी के साथ सामो चावल खा सकते हैं।

इसी प्रकार शाम के भोजन में सामो चावल के साथ दही, झंगोरा खीर, पनीर की सब्जी और कुट्टू के आटे की रोटी खा सकते हैं।

इस डाइट से शारीरिक मानसिक लाभ होने के साथ ही त्वचा और बालों को भी फायदा होता है। थकान दूर होती है और शरीर में स्फूर्ति रहती है।

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